रायपुररानी ब्लाइंड मर्डर केस की गुत्थी सुलझी, पंचकूला पुलिस ने 2 आरोपियों को किया गिरफ्तार

5 स्पेशल टीमों ने 120 घंटे ऑपरेशन चलाकर 400 सीसीटीवी फुटेज खंगाली, वारदात में प्रयुक्त कार भी बरामद

📍पंचकूला, 5 मई (सुशील कुमार):
पंचकूला पुलिस ने अपनी मुस्तैदी, तकनीकी दक्षता और सतत प्रयासों के दम पर रायपुररानी क्षेत्र में हुए एक ब्लाइंड मर्डर केस का सफलतापूर्वक पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। इस मामले को सुलझाने के लिए पुलिस की 5 विशेष टीमों ने लगातार 120 घंटे तक ऑपरेशन चलाया और 400 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि 28/29 अप्रैल 2026 की रात रायपुररानी क्षेत्र के गांव खेतपराली पुल के नीचे एक अज्ञात युवक का शव बरामद हुआ था। शव के पास कोई मोबाइल फोन या पहचान पत्र नहीं मिलने के कारण मामला पूरी तरह ब्लाइंड मर्डर के रूप में सामने आया।
पुलिस ने तत्काल मौके को सुरक्षित कर सीन ऑफ क्राइम टीम को बुलाया और वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए। शव को पहचान के लिए नागरिक अस्पताल सेक्टर-6 पंचकूला के शवगृह में रखवाया गया तथा आसपास के क्षेत्रों, बस अड्डों और सोशल मीडिया के माध्यम से मृतक की पहचान के प्रयास शुरू किए गए।
जांच के दौरान मृतक की पहचान हरिंदर सिंह (32 वर्ष), निवासी गांव तिड़ा, जिला मोहाली (पंजाब) के रूप में हुई, जो रैपिडो चालक के रूप में कार्य करता था। मृतक की पहचान उसके भाई सतिंदर सिंह द्वारा की गई। शिकायतकर्ता के बयान के आधार पर थाना रायपुररानी में हत्या का मामला दर्ज किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी क्राइम अरविंद कंबोज और क्राइम ब्रांच सेक्टर-26 के प्रभारी इंस्पेक्टर दलीप सिंह के नेतृत्व में 5 विशेष टीमों का गठन किया गया।
डीसीपी अमरिंदर सिंह ने बताया कि जांच के दौरान कई चुनौतियां सामने आईं, लेकिन पुलिस टीमों ने तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचना के आधार पर 3 मई 2026 को संगम कुमार (23 वर्ष) और विजय कुमार उर्फ दीनानाथ (35 वर्ष), दोनों निवासी मोहाली, को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने हत्या की वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। जांच में सामने आया कि मृतक और दोनों आरोपी आपस में दोस्त थे तथा तीनों नशे के आदी थे। वे पहले बद्दी (हिमाचल प्रदेश) स्थित एक नशा मुक्ति केंद्र में साथ रहे थे। 11 अप्रैल को केंद्र से छुट्टी मिलने के बाद वे फिर संपर्क में आए और दोबारा नशे का सेवन करने लगे।
पुलिस के अनुसार, 28 अप्रैल को नया गांव में तीनों ने एक साथ नशा किया। इसी दौरान आपसी कहासुनी हो गई। आरोप है कि मृतक हरिंदर सिंह को ओवरडोज देने के बाद वह बेसुध हो गया। इसके बाद आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और उसे उसकी स्विफ्ट डिजायर कार में डालकर खेतपराली पुल के पास ले गए, जहां करीब 120 फीट ऊंचाई से नीचे फेंक दिया।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार बरामद कर ली है, जिसमें खून के निशान मिले हैं। इसके अलावा खून से सने कपड़े और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी बरामद किए गए हैं।
आरोपियों को 4 मई को अदालत में पेश कर एक दिन का पुलिस रिमांड लिया गया था। पूछताछ के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
पंचकूला पुलिस कमिश्नर (एडीजीपी) शिवास कविराज ने कहा कि यह मामला पूरी तरह ब्लाइंड था, लेकिन पुलिस टीमों ने अत्यंत प्रोफेशनल तरीके से काम करते हुए सीमित सुरागों को मजबूत साक्ष्यों में बदला। उन्होंने कहा कि पंचकूला पुलिस अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने समाज से नशे जैसी बुराई से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि नशा न केवल व्यक्ति बल्कि पूरे समाज के लिए घातक साबित होता है।

Comments are closed.